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गौरी शंकर लाल 'अख़्तर'

Gauri Shankar Lal 'Akhtar'
गीतकार  ·  194 गीत  ·  19 फ़िल्में
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गीत सूची

लंका दहन (1933)
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1. मारी है नयन कटरिया, कटरिया हाय प्यारे बालमा
2. सुधर पिया आयो मोरे मंदिरवा, मन हरवा, मोरा छैला सुंदरवा, सुघर पिया
3. बोल नहीं अपना राजा जी बिसारिए, राम जी से किया है, क़रार वह बिचारिये
4. सारा ब्रह्मांड अभी जा के छान डालूंगा, माता सीता की सुध, ऐ स्वामी मैं ला दूंगा
5. सुखी राज स्वामिनी, भई विपदवासिनी, गृह त्याग बन गमन, नाथ को बियोग
6. चले हैं स्वामी अधर्म पथ से, सुनीतिका घर भूले हुए हैं, दो दिन के दौर-दौरये में क्यों
7. कहो तो एक ही पल में समंदर को सुखा डालूं, कहो तो सारी लंका को
8. इस दुनिया में धर्म है सबसे समर्थ शक्तिवान, जहां धर्म है वहां विनय है
9. सीतावर रघुपति रामचंद्र, पुण्य श्लोक दिव्य अंशी महामति
10. आज पिया के संग खेरी मैं होरी, लागी पिचकारी, मोरी सबरी चोरी भीज गयी
11. अब नहीं धारत धीर जियरव, देव दिवाकर मुझको जला दो
12. फ़ूंक दई लंका, रघुवर तुम्हरे करुणा बल से, बजवायो जग जय डंका
13. न तृष्णा और है कुछ भी, रहे भगवान की भक्ति, जीवनोद्देश्य यह मेरा
प्रेम परीक्षा (1934)
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1. कैसी वह धूम मचाई कन्हैया गारी मैं दूंगी, भर पिचकारी मोरे मुख पर मारी
2. सखी खिलो बसंत कैसो बाग़ में, कू कू बोलो कोकिला बिहाग में (सहगान)
3. कैसी प्यारी सुरतिया तुम्हारी, तुमको दुख और सुख में पुकारूं
4. रंग-ए-महफ़िल न रहा, ऐश का सामां न रहा, एक न होने से तेरे कुछ भी मेरी जां न रहा
5. फ़स्ले बहार आई है जोश-ए-गुल चमन में, एक आग सी लगी है बुलबुल के सारे तन में
6. बहार आई वह सखी गुलशन में फिर देखी रुत प्यारी, छाई कैसी बहार
7. मैं तो हूं तेरा ख़ादिम तू आका मेरा हो, पूरब की कह दूं पच्छिम गर कहना तेरा हो
8. करो दुख दूर गिरधारी, पड़ी हूं कष्ट में भारी, बचाई लाज द्रौपदी की
9. बदियां इश्क़ तेरे ने मुश्कां मेरियां कस-कस के (पंजाबी में)
10. पहनो देसी देस सुधार करो, भारत का बेड़ा पार करो
11. मार न जानी मैनूं इश्क़ कटारियां, अगे ततीं मैं तेरे हिज्र ने (पंजाबी में)
12. हाय पैसा, हाय पैसा सबको प्यारा तू, आन तुझमें, शान तुझमें
13. चर्खे ना हंजार ने कुछ इस क़दर बेदाद की, मिट मिटाकर बन गई तसवीर मैं फ़रयाद की
सोने की चिड़िया (1934)
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1. रसिया काहे को तुम सताओ, जाओ रसिया छोड़ो बैयां
2. वह हमसे दमे आख़िर कहते हैं न मर जाना, बदनाम न हो जाना
3. मौला के लिए कुछ दे दो हमें, देगा सखियो अल्लाह तुम्हें
4. मैं तुझमें समां जाऊं तू मुझमें समा जाए, एक जान दो क़ालिब का
5. वेश्या कब मीत किसी की हुई, इसका जो हुआ मति उसकी गई
6. दे जाओ कोई मौला नाम पे भीख, यहां जो दोगे वहां पाओगे
7. जान, इस जग को झूठा जान, झूठी काया झूठी माया
8. आओ आओ करें सब मिल कर ईश्वर के गुणगान
बाल हत्या (1935)
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1. दया धर्म का मूल है पाप मूल अभिमान, तुलसी दया न छोड़िए
2. पीछे पीछे फ़िरते बालम, मुड़-मुड़ मारें आंखें (नृत्यगान)
3. हर चीज़ बेवफ़ा है दुनिया के इस चमन में, हासिल नहीं है कुछ भी
4. जीवना कैसे बिताऊं, तन मन में इक आग लगी है, कैसे उसे बुझाऊं
5. काली, काली मां तू प्यारी, तुम जग जननी, माता, दे शक्ति हमको (सहगान)
6. गुलकारी, छाई मदमाती, उसी की सब माया, उसी की सब माया
7. जै रघुनंदन जै घनश्याम कृष्ण मुरारी राधेश्याम (पूरा गीत)
8. होनहार होकर रहे, मिटे न बिधि के अंक, राई घटे न तिल बढ़े
9. प्रेम अपार हृदय में प्रेम भरा है तन मन में
10. दाता तुम्हीं तो जग करतार, तेरो नाम साहब सांचो, झूटा सब संसार
11. मज़े के गीत सुना कर तुम्हें रिझाऊंगा, थपक-2 के तुम्हें गोद में सुलाऊंगा
धर्म की देवी (1935)
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1. करहु प्रभो भौ सागर से पार, कृपा करो तो पार होत हूं
2. भारतवासी करो आज दुखी जन सेवा, दुख वेदना इनकी मिटाओ (सहगान)
3. मालिनिया अब लाओ माला, आज जगे मोरे भाग सखी री
4. जिधर देखो जहां देखो उसी शै में रमा वह है, गुलों में भी
5. न भूलो, न भूलो प्रिय आज को यह सर्पप अनुराग
6. आज़ाद हूं दुनिया में दुनिया है यह घर मेरा, सब कांपते हैं मुझसे
7. मेरी बीवी, मेरी बीवी मुझ पर है मरती, रूप जोबन का बान चलाए (सहगान)
8. क्षमा करो तुम क्षमा करो यह कहकर सब चिल्लाते हैं
9. कुछ भी नहीं भरोसा दुनिया है आनी जानी, पानी का बुलबुला है
10. दर्द ने दिल में चमक कर तुर्फ़ा सामां कर दिया, पैकरे तारीक़ को
11. नारायण नारायण नारायण कर मन मधुसूदन की आरती
12. अजब हाल अपना होता जो विसाल यार होता
13. कर हाल पे अपने रहम ज़रा क़ुदरत को तू यों नाशाद न कर
यास्मिन (1935)
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1. मुझको दीवाना समझते हैं वह सौदाई है, क्या बड़ी बात है
2. किस मुंह से ऐ मेरे ख़ुदा तेरी करूं हम्दो सना, तारे खिले
3. कोई प्रेम का पंथ दिखा दे हमें, कोई प्रीत का गीत सुना दे हमें (सहगान)
4. न दिल पे ज़ोर न अब अख्तियार बाक़ी है, वफ़ा को सौंप चुके
5. ज़रा धीरे से बोल कोई सुन लेगा, जो सुन पाए थाने का सिपहिया (सहगान)
6. पिया बिन आंखियां नींद न आए, जिया कल्पत बहु मन अकुलाए
7. रूठ गए अब हमसे बालम, प्रेम की आग जला के, प्रेम की आग जला के
8. सैयां मेरा दीवाना जाने न दूंगी, अरे बादशाह ने चिट्ठियां भेजीं (सहगान)
9. सितम है मुब्तिलाए इश्क़ हो जाना जवां होकर, हमारे बागे हस्ती में
10. मेरी यास्मिना, सुन यास्मिना, तू शम्मा मैं परवाना, तू है परी
11. मेरे अच्छे अब्बा मेरी बात मान लो, जल्दी जल्दी बढ़ा क़दम
12. सोज़े पिन्हां से कभी दो घड़ी फ़ुर्सत न मिली, ज़िंदगी में हमें कुछ भी
13. सैरो-सफ़र ही काम है अपना हर जा आना जाना
फ़िदा-ए-वतन (1936)
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1. सराय दुनिया है कूच कीजा हर एक को खौफ़ दमबदम है
2. मैं तुझको लुभाता हूं तू मुझको लुभाये जा, इश्क़ और मुहब्बत के नग़में तू सुनाए जा
3. दोनों पे ऐसी चोट पड़ी उस निगाह की, तड़पा उधर जिगर तो
4. मैं तुझमें समा जाऊं, तू मुझमें समा जाए, तब लुत्फ़ मुहब्बत का हम दोनों को आ जाए
5. सब हैं उसके प्यारे बंदे, वह सबका है वाली
6. तुम्हें मालूम क्या है इश्क़ के आज़ार की बातें
7. ख़बर क्या थी कि दिल इतना नहीफो-नातवां होगा
8. तेरी बांकी रसीली अदा ने दिल को हमारे चुरा लिया
9. डरता क्यों है सुन ए नादां, है सब ये अफ़साना
10. रूह की पाकीज़गी लाज़िम है इंसां के लिए
प्रतिमा (1936)
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1. जा जा रे भौंरा कली नहीं फूटी, जिसने कहा वह बड़ी है झूटी
2. सो जा सोई है दुनिया सारी, नींद से दीपक झूमे अंखियां भारी
3. देखो-देखो यह औरत बड़ी बेवफ़ा, इसने काटा है दुनिया में सबका गला
4. झूला झूल झूल झूल, मीठी मौज में तू, ऋतु आई है क्या मतवारी
5. भाग्य चक्र नित चलता है, कर्मो की गति न्यारी है
6. प्रेम माला प्रेम माला प्रेम माला, मैं फेरूंगी दम-दम रोम-रोम में
7. आज देखी मैंने जीवन ज्योति, पाया मैंने मन का मोती
8. ठ??काना प्रियतमा को है, कफ़न प्रेमी के दामन में
प्रेम बंधन (1936)
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1. निखरी हुई है चांदनी, सुंदर प्रेम के गीत सुनाओ
2. कैसे कटे मोरी सूनी रे सेजरिया, सैयां गए परदेस
3. चैन न आए जब पिया सुध आती, तुम बिन बालम नींद न आती
4. वह काम किए आकर...ज़रा जोबन की मदिरा पिला दे
5. जग के रिश्ते नाते झूठे, क्यों इस पर ललचाया
6. चैन न आए जब पिया (गीत क्रं. 3 का पुन: फ़िल्मांकन)
7. पहले प्रीत लगाय के...बिन देखे तुम्हारे मैं मर जाऊंगी
8. अब तो ख़ुश होके जलसे उड़ा???ंगे हम, भूल जाएंगे सारे रंजो-अलम
प्रेम रात्रि (1936)
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1. प्रेम प्रेम रटूं रटूं प्यारे पिला प्रेम जाम, देख-2 छबि तुम्हारी
2. अफ़सोस यतीमों का दुनिया में नहीं कोई, नफ़रत न हो
3. तुम बिन और न कोई सहाई, नैया सबकी पार लगाई
4. नैना लड़े हैं जी, नैना लड़े हैं जी, काह करूं
5. जो अपने मुल्क़ की ख़िदमत में दुख और दर्द सहता है
6. लटकनिया मोरी चोरी गई, चोरी गई राम चोरी गई
8. हाय पैसा जिसका जाए, नाक में दम क्यों न आए, नाक मेरी कट गई
9. है दुनिया सारी मतलब की, तू इससे दिल न लगा बाबा
10. छूत अछूत का झगड़ा छोड़ो, सबको गले लगाना (समूह गान)
संगदिल समाज (1936)
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1. भरी जवानी में दुनिया से हाथ उठाते जाते हैं, हरे भरे थे दिल के जो गुंचे
2. प्रीत की रीत बसी है मन में भूली जब संसार, प्रीत की रीत
3. कैसे बिसर गए मोहे, जीवन के मोरे साथी कहां गए
4. नैनों के तीर चलाओ न हम पर, बरछी का मारा कोई
5. क्या लुत्फ़ ज़िंदगी का जो रश्क-ए-उदू न हो, किस काम का वह (क़व्वाली)
6. वह मुहब्बत के मज़े और वह मुलाकातें गई, यार के पहलू से
7. या अल्ला मैं क्या करूं नसीब ना हमदम हुआ, जान आई है लबों पर
8. बाज़ी तो छोड़ के भाग गए और दम उल्फ़त का भरते हैं
9. अटल भाग्य की रेख, न्यारी गति करमन की, दोष नहीं साजन का
10. झूठी इसकी चमक दमक है, झूठा है यह मोती, झूटा है यह नज़र का
11. मृत्यु के बीच में चमके शिखा जो, वह है तेज तुम्हारा , अंधकार का लोप
शेर का पंजा (1936)
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1. लाना पकौड़ा गरमा गरम देना, देना पकौड़ा गरमा गरम
2. ऐसी चलत पवन सुखदाई, निखरी हुई सुंदरता कैसी
3. सांवरया बांके मदमाते, आए बसो मोरे नैन प्यारे
4. ज़हर हलाहल इसको समझो, मिर्च से तेज़ है चंचल नार
5. क्या नैना मतवाले निकले, रस के भरे दो प्याले निकले
6. मर मिटे हम उस हसीं का रूए रोशन देखकर
7. तोहारी फुलवारियां में ना जइहों रे, ना जइहों रे
8. कैसे कटे मोरी रात सखी री, जिया मोरा लहराए सखी री
9. चिलम जो गांजे की भरी पीते हैं सब यार (क़व्वाली)
10. जागो महादेव जागो जागो हे त्रिपुरारी (समूह गान)
11. राख हुई है जल के चिता सब, मिट गई सारी आशा
बुलडॉग (1937)
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1. प्रेम के गीत मैं गाऊं तुम्हारे, और नहीं कुछ धंधा
2. रक्खा क्या है छोटे बड़े में, बड़ा हो या हो छोटा
3. न पूछा नाम, ना पूछा धाम, न पूछा उसका मुकाम कहां
4. चैन न आए तुम बिन प्यारे, व्याकुल है यह मन की दुनिया
5. नहीं आऊंगा ख़तरा है पूरा बड़े साहब को भैया
6. हे जोतिनमय ज्योतिसागर, दीन के मन में समाए
7. आशा-आशा, मोरे मुरझाए जीवन की आशा, मोरा बन बन पुष्प सुगंधित
8. जंगली चूहा, जंगली चूहा, जंगल जंगल फिरता
9. प्यारी प्यारी मैं वारी तोपे चलो हमारे संग, चूहे की सी शक्ल
चाबुक सवार (1937)
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1. जो भारत योग की बस्ती है, जहां ज्ञान की गंगा बहती है
2. मर्दों का है यह कहना, गुर दुश्मन पर मैं वार करूं
3. दुनिया बदल गई है इस कैफ़-ए-आशिक़ी में, तस्वीर बन गया हूं
4. मोरी पड़ी भंवर में नैया, प्रभु तुम ही पार लगाओ, गहरी नदिया (क़व्वाल)
5. अमृत की छवि न्यारी न्यारी, दिल में जाऊं वारी, छबि के निसार में
6. बालम की छबि लागत प्यारी, नैन रसीले उमरिया बारी
7. नैनां राखो छिपाए ज़माना खोटा, बांके रसीले नैनां हमारे
8. मोरी प्रीत की नैया तर जाएगी साजन तुम पर वारी, आस लगी है
9. दाग़-ए-फ़िराक़ एक दिन बद्र-ए-कमाल होगा, यानि मरीज़-ए-ग़म का जीना
10. शरमाती क्यों है प्यारी, घूंघट खोल, चल ओ चोर, ज़रा तो बोल
11. कोई प्रेम दिल जलावे, कोई प्रेम दिल मिलावे प्रेमी बनानेवाले
12. बोल, बोल अब बिन मोल, जीवन है यह अनमोल, कुछ बोल
दुखियारी (1937)
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1. इस पाप की दुनिया से अब और कहीं ले चल, चित चैन जहां पाए
2. आंखों का है तू उजियारा, इस जीवन का तू ध्रुवतारा, ज्योति बिना
3. क्या भीड़ मैक़दे के है दर पर लगी हुई, प्यासू सबील है सर-ए-क़ौसर
4. उठा ले फ़ानी दुनिया से मुझे वो ज्योति दिखला दे, मेरी इस टूटी नैया
5. बन में कोयल डाल डाल पर प्रीत के गीत सुनाए, प्रेम प्रीतम की जपियो
6. कटीले तोरे नैनों के तीखे बान, चितवन कटारी तेज दुधारी, भौवों की
7. जगत का आशा पर आधार, फूल किले क्या क्या हैं चमन में
8. ज़रा नैनों से नैनां मिलाए जा, हो बांकी रसीली कटीली, चितवन में तेरे
इंसाफ़ (1937)
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1. जल भरने पनघट पर सखियां आती हैं, नीची नज़र से (सहगान)
2. मदहोश जवानी की रातों में क्या क्या बादानोशी थी
3. राखो नाथ अब लाज हमारी, इतनी अरज मोरी स्याम मुरारी
4. दिल की गहराइयों में छुपाएं, आ तुझे प्रेम करना सिखाएं
5. इक इंडियन को देखा कल सूट बूट पहिने, मानों खड़ा हुआ था
6. हृदय में प्रेम बसाएं और प्रीत के गीत सुनाएं, खिली चांदनी क्या मतवाली
7. आज बना सुंदर संसार, चारों ओर जीवन संचार, प्रेम मधुर मुस्कान से आया
8. आओ धर्म के धीर, आओ कर्म के वीर, चलो मृत्यु के तीर (सहगान)
9. चल गोकुल धाम बसाएं और हर से प्रीत लगाएं, हर से प्रीत लगाएं
मॉडर्न यूथ (1937)
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1. जगत में जीवन का सुख प्रेम, प्रेम ने मन में ज्योत जगा कर
2. मदमाती प्रेमी की फुलवारी, कलियों पर बैठे भंवरे, कूके कोयल
3. दिया लिया तेरे संग चलेगा और नहीं कुछ जाएगा, सबसे बढ़कर दान
4. कौन सुने बिपता अब कौन बंधाए धीर, देख-देख के अपनी दशा ये
5. ऐ फ़लक तू है सितम आशना, तेरे जौर कोई उठाए क्या
6. चलते हैं हम बड़े शहर को, लूटेंगे धन माल, नहीं कोई बचे हर एक फंसे
7. पी ले पिला दे भर के जाम, जोबन मतवाली, बिनती करत हूं पैयां परत (नृत्यगान)
विजय डंका (1938)
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1. जग में ज्योति बखान तुम्हीं से, हो के उदय तुम रूप दिखाओ (महिला)
2. बिन देखे पड़े नाहीं चैन, मेरा भी हाल यह है, व्याकुल हूं (महिला-पुरुष)
3. आज पी लो प्रेम मदिरा साजना, रात प्यारी मैं नशीली बालमा (महिला-पुरुष)
4. छेड़ो न मोहे राजा उमर मोरी बारी, जित जाऊं उत संग ही डोले (महिला-पुरुष)
5. चर्चे घर घर हो रहे हैं तुम सदा पर्दे में हो, खुल गया परदे का पर्दा (पुरुष)
6. जगत में प्रेम महा बलवान, प्रेम बिना तेरा जीवन जग में सूना (महिला)
7. जगत में प्रेम महा बलवान, पी लो पिला दो यह प्रेम प्याला (महिला)
8. अमर पद पाए यह संसार, तोरे दर्शन से करतार, प्रेम शिखर पर बल बल (महिला-पुरुष)
9. तुम नूर-ए-नज़र और मेरी आंखों के हो तारे, मी हो ग़रीबों के हर इक (क़व्वाली)
10. पी की बोली न बोल, ना बोल, ना बोल, जाऊं तोपे वारी, प्रेम के पथ (महिला)
11. ऐ तीर-ए-नज़र मुझपे ये एहसान किए जा, जाता है मेरे दिल से तो दिल को (महिला)
12. आओ सजन तोहे मन में बिठाऊं, मन में बिठाऊं गरवा लगाऊं (महिला)
बाग़ी (1939)
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1. होली खेलत तुमसे मैं हारी, मारो न भर पिचकारी
2. मन समझावत दिन गयो...ज़रा नयनों से नयना मिलाओ
3. वही है वीर वही है धीर, बने सिपाही, करे तबाही, कर लेकर
4. ओ चरख-ए-जफ़ा परवर, जी भर के सताए जा, नाशाद बनाए
5. तू बन का राजा, मेघा बन के गरजे चारों ओर रे, तू बन की
6. लीली में काली पड़ गई लहरियो लाधे मोल, लहरियो लाधे
7. लग चली बाद-ए-सबा, क्या किसी मस्ताने से, झूमती आज चली आती है मैख़ाने से
8. मृग जल को सागर जान गोते मारता संसार है...संसार मुसाफ़़िरख़ाना
9. युग युग के जो बैर भाव थे टूटे आज वो सारे, रोम रोम में (समूह गान)