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जांनिसार 'अख़्तर'

Jaannisaar Akhtar
गीतकार  ·  46 गीत  ·  16 फ़िल्में
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गीत सूची

कहीं आर कहीं पार (1971)
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4. जाम होठों से लगा लूं तो बुरा क्या है, आग सीने की बुझा लूं तो बुरा क्या है...
रामू उस्ताद (1971)
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1. पिया-3, मोरा मन प्यासा रे, मोहे गरवा तो लगा जा, ओ पिया ऐसा भी क्या ज़ुल्मवा...
2. ओ जानां-ना ये दिल दीवाना अरे हां जानां, कुछ तो मेरे दिल के अरमां पूरे करता जा...
3. हम तो तुझसे नैन मिला के तेरे हो गए रे, तेरी गली के न जाने कितने फेरे हो गए रे...
4. आया कैसा ज़माना ओ बाबा कैसा ज़माना, दुनिया में बुराई फले...
क्रिमिनल्स, दि (1973)
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1. तू नहीं जाने जो है यही पल है, आगे की बातें फ़साने तू नहीं ...
2.दिल हमारा तो हीरे से कुछ कम न था, कैसे माने कि तुमने चुराया नहीं, हम तो कमसिन हैं, नन्हें हैं, नादान हैं, दिल चुराना अभी...
जीवन सुख (1973)
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4. अब किस लिए उठाएं एहसान ज़िंदगी के, जब तुम ना मिल सकोगे फिर क्या करेंगे जी के...
प्रेम पर्बत (1973)
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2. रात पिया के संग जागी रे सखी, चैन पड़ा जो अंग लागी रे सखी ...
5. यह दिल और उनकी निगाहों के साए, मुझे घेरे लेते है बाहों के साए ...
दास्तान-ए-लैला मजनूं (1974)
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1. सुबह चले शाम चले ज़िंदगी का काफ़िला, राह कटे पर ना घटे मंज़िलों का...
2. लौट के आ, लौट के आ, छोड़ न जा वीराने में, इश्क़ ना मुझको ताना दे...
3. चेहरे से नक़ाब-ए-हुस्न उठा, हम भी तेरा जलवा देखेंगे, शायद को ई बिजली दिल पे...
4. आया है तेरे दर पे सवाली, दामन ना मेरा रह जाए खाली...
5. आया है तेरे दर पे सवाली, तेरे लिए तो हस्ती मिटा ली...
6. पुकारती है मुहब्बत क़रीब आ जाओ, तुम्हीं तो हो मेरी जन्नत क़रीब आ जाओ...
7. आ जा, आ जा आ भी जा, आ जा, आ जान-ए-तमन्ना आ भी जा, आ प्यार की राहें प्यासी... (भाग-1)
8. आ जा, आ जा आ भी जा, आ जा, आ जान-ए-तमन्ना आ भी जा, आ कसरोमहल सब छोड़ के आ... (भाग-2)
9. आ जा, आ जा आ भी जा, आ जा, आ जान-ए-तमन्ना आ भी जा, बरबाद बगूले उठेंगे, पुरशोर हवाएं आएंगी... (भाग-3)
10. ऐ जान-ए-तमन्ना आ भी जा, आंखों से लहू-सा छलका है, तू है तो हरेक ग़म हल्का है...
11. आ ही गई थी फ़स्ल-ए-बहारां, हो चुका जीना अब ना जियेंगे, कौन सियेगा अपना गिरेबां...
हमराही (1974)
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1. निगाहें नीची किए सर झुकाए बैठे हैं...चुप चुप चुप क्यों बैठी हो, मैं भी अकेला और तुम भी अकेली हो...
परिणय (1974)
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3. हर तन में कवि, हर मन में कवि, जब ग़म के दीप जले लगते...कवि रे कवि रे, ओ कवि रे...
प्यासे दिल (1974)
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1. तुम महकती जवां चांदनी हो, चलती फिरती कोई रोशनी हो, रंग भी रूप भी रागिनी भी...
2. ये दिलनशीं नज़ारे करते हैं क्या इशारे, ये कौन परबतों से छुपकर मुझे पुकारे...
3. झुकती घटा हमसे कहे, क्यों ये दिल प्यासा रहे आज...
4. सखी री शरमाए दुल्हन सज बन के...
आंदोलन (1975)
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3. पांच रुपइया, अरे पांच रुपइया दे दे बलमवा मेला देखन जाऊंगी, पांच आने की पाव जलेबी...
मुट्ठी भर चावल (1975)
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1. अच्छा क्या है बुरा है क्या, कोई न जाने कोई न समझे, मुझको तुझको पता है क्या...
3. काहे पगली बरखा छाई तेरे इन दो नैनन में, जाने ऐसे कितने मौसम आएं जाएं जीवन में...
संध्या (1975)
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1. आ आ आ, अंग अंग रंग छलकाए, नज़र लगाए बलमा रे, अंग अंग अंग छलकाए...
2. कब तेरे हुस्न से इन्कार किया है मैंने, ज़िंदगी तुझसे बहुत प्यार किया है मैंने...
3. यह दिल वाले जो दिल दे कर सिला चाहें...पर आंखों की हंसी में ग़म के पहलू किसने देखे हैं...
संगत (1975)
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1. कान्हा बोले ना, कान्हा बोले ना, पूछूं बार बार, कान्हा बोले ना, क्या है प्रीत क्या है प्यार...
2. बलमा मोरा आंचरा महके रे, लागे नींद में डोलूं मैं, पग मोरा बहके रे बलमा...
3. देखते देखते एक धुआं छा गया, ये ज़मीं खो गई आस्मां खो गया, जाने क्या हो गया...
4. हूं, चल भई चल, देखे चल, दो आंखें दो पांव चले, साथ में धूप और छांव चले...
सज्जो रानी (1976)
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1. दिल है हाजिर लीजिए, ले जाइए, और क्या क्या चाहिए फ़रमाइए, प्यार धोका है...
2. सैयां के गांव में, तारों की छांव में, बन के दुल्हनिया जाऊंगी, पहने पायलिया गोटे की अंगिया...
3. जिया मानें ना खड़ी ताकूं सैयां, हो कोई आए रे मैं तो झांकूं सैयां, रुई धुनिया धनके रे...
4. नथनिया ने हाय राम बड़ा दुख दीना, नथनिया ने हाय राम बड़ा दुख दीना...
आख़िरी सजदा (1977)
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1. किसी से मिली है नज़र ब-ए-इरादा, ख़ता तो हुई है मगर ब-ए-इरादा, बता हम संभालें तो कैसे संभालें...
3. किसको पुकारूं तेरे सिवा, सुन मेरे मालिक मेरी सदा, दुनिया मेरी दुश्मन क्यूं है...
4. लाइलाहा इललिल्ला मोहम्मदुर रसूलल्ला...निगाह-ए-शौक से रहमत का जाम दे साक़ी...
5. नज़र मिलाओ पता चलेगा कि हुस्न क्या है शबाब क्या है, वो जिंदगी का सुरूर हूं मैं...
शंकर हुसैन (1977)
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5. आप यूं फ़ासलों से गुज़रते रहे, दिल से क़दमों की आवाज़ आती रही...