🎵 गीत
2. शाम-ए-ग़म की क़सम, अब हमारे कदम डगमगाने लगे, एक जान लाख ग़म लेके
2. Shame-Gham Kee Qasam, Ab Hamare Kadam Dagamagane Lage, Ek Jan Lakh Gham Leke
श्रेय
गायक/गायिका
हेमलता
Hemlata
गीतकार
मनमोहन साबिर
Manmohan Sabir
संगीतकार
रवींद्र जैन
Ravindra Jain