🎵 गीत
5. जीवन मरन के घेरे में बंदी है आदमी, इस सच को आंसुओं में भिगोना भी है गुनाह
5. Jeevan Maran Ke Ghere Men Bandee Hai adamee, Is Sach Ko ansuon Men Bhigona Bhee Hai Gunah
श्रेय
गायक/गायिका
जयवंत कुलकर्णी, भूषण, आनंद, सुनील, साथी
Jaywant Kulkarni, Bhushan, Anand, Sunil, Others
गीतकार
निदा फ़ाज़ली
Nida Fazli
संगीतकार
ख़य्याम
Khayyam
रिकॉर्ड विवरण
माइक्रोग्रूव / एलपी / ईपी
LP : PSLP 1091