🎵 गीत
4. ग़म का अंधेरा हो या सुख का सवेरा हो, ना दिल दुखाना अपना, सपने पूरे सभी होने हैं
4. Gham Ka Andhera Ho Ya Sukh Ka Savera Ho, Na Dil Dukhana Apana, Sapane Poore Sabhee Hone Hain
श्रेय
गायक/गायिका
अमित कुमार, उषा मंगेशकर, फ़ाल्गुनी
Amit Kumar, Usha Mangeshkar, Falguni
संगीतकार
नदीम-श्रवण
Nadeem-Shravan
रिकॉर्ड विवरण
माइक्रोग्रूव / एलपी / ईपी
LP : ECLP 5791