🎵 गीत
3. न तेरा दुर्भाग्य नया है, न जग का व्यवहार नया सीता भी जहां सुख पा न सकी, तू उस धरती की नारी है
3. Na Tera Durbhagy Naya Hai, Na Jag Ka Vyavahar Naya Seeta Bhee Jahan Sukh Pa Na Sakee, Too Us Dharatee Kee Naree Hai
रिकॉर्ड विवरण
माइक्रोग्रूव / एलपी / ईपी
LP : 2392 336