🎵 गीत
3. शाम का पल उड़ते उड़ते एक नग़मा गा गया, अपने कोमल पंख से छू कर चला गया
3. Sham Ka Pal Udate Udate Ek Naghama Ga Gaya, Apane Komal Pankh Se Chhoo Kar Chala Gaya
श्रेय
गायक/गायिका
वाणी जयराम
Vani Jayram
गीतकार
कुलवंत जानी
Kulwant Jani
संगीतकार
देवराजन-रंगाराव
Devarajan-Rangarao