🎵 गीत
5. कैसा रे ये खेल भाग्य का-2, डाली पर दो फूल खिले, एक चढ़े प्रभु के चरण पर दूसरा धूल मिले -- (×2)
5. Kaisa Re Ye Khel Bhagy Ka-2, Dalee Par Do Phool Khile, Ek Chadhe Prabhu Ke Charan Par Doosara Dhool Mile -- (×2)
टिप्पणी
गायक कमलेश अवस्थी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गीत क्रं.5 जिसे उन्होंने ही उक्त फ़िल्म हेतु गाया था. राजेश गुप्ता के अनुसार गीत क्रं.5 उनके पिताजी पंकज ज्ञानी ने ही लिखा था. (1) फ़िल्म में बाद में जोड़ा गया था, (2) पार्श्वगीत के रूप में फ़िल्म में कई बार सुनाई देता है लेकिन (3) ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर जारी नहीं किया गया था.