🎵 गीत
2. जीवन की किताबों पर जो भी लिखो कुछ भी नजरेगा, ज़िंदगी इक दरिया बहता है
2. Jeevan Kee Kitabon Par Jo Bhee Likho Kuchh Bhee Najarega, Zindagee Ik Dariya Bahata Hai
श्रेय
गायक/गायिका
हेमंती शुक्ला
Hemanti Shukla
गीतकार
बी लक्ष्मण
B Lakshman
संगीतकार
उस्ताद बहादुर ख़ान
Ustad Bahadur Khan