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🎵 गीत

3. एक दफ़ा की बात है, एक भटकती राह से, एक मुसाफ़िर ने कहा, बोल कहां हैं मंज़िलें...

3 Ek Daagh Kee Baat Hai, Ek Bhatakatee Raah Se, Ek Musaafir Ne Kahaa, Bol Kahaan Hain Manzilen

फ़िल्म

रात की उलझन
Seventies
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श्रेय

गायक/गायिका महेंद्र कपूर
गीतकार गुलज़ार