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🎵 गीत

4. एक जाल है ये दुनिया हम ख़ुद ये जाल बुनते हैं, ख़ुद फंसते हैं मकड़ी की तरह अपना...

4 Ek Jaal Hai Ye Duniyaa Ham Khud Ye Jaal Bunate Hain, Khud Phansate Hain Makadee Kee Tarah Apanaa

फ़िल्म

परछाईं
1980
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श्रेय

गायक/गायिका रवींद्र जैन