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🎵 गीत

4. आज यार के नज़ारे यारों रब देखा, रब देखा, वो भी देखा तो यार के सबब देखा...

4 Aaj Yaar Ke Nazaare Yaaron Rab Dekhaa, Rab Dekhaa, Vo Bhee Dekhaa To Yaar Ke Sabab Dekhaa

फ़िल्म

बदमाशों का बदमाश
1979
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श्रेय

गीतकार मुंसिफ