🎵 गीत
4. पहरे उठ जाते हैं पंछी उड़ जाते हैं, मिल जाते हैं मिलने वाले जब मिलने पर आते हैं...
4 Pahare Uth Jate Hain Panchhee Ud Jate Hain, Mil Jate Hain Milane Vale Jab Milane Par ate Hain
श्रेय
गायक/गायिका
सुलक्षणा पंडित
Sulaksana Pandit
गीतकार
आनंद बक्शी
Anand Bakshi
संगीतकार
लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Laxmikant-Pyarelal
रिकॉर्ड विवरण
माइक्रोग्रूव / एलपी / ईपी
EP No. 7EPE 7459