🎵 गीत
7. ओ अभिमन्यु ने जान गंवाई
7. O Abhimanyu Ne Jan Ganvaee
श्रेय
गायक/गायिका
लता मंगेशकर
Lata Mangeshkar
टिप्पणी
स्व.शैलेंद्र की कानपुर निवासी बेटी गोपा चंद्रा के अनुसार यह गीत वास्तव में शैलेंद्र जी ने ही लिखा था जिसका मुखड़ा मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखा था लेकिन रिकॉर्ड पर नाम हसरत जयपुरी का दिया गया था. फ़िल्म में मुकेश के स्वर में फ़िल्मांकित इस गीत की समाप्ति पर कुछ सम्वादों (राजकपूर-वहीदा रहमान) के बाद सुमन कल्याणपुर के स्वर में इसी गीत का अंतिम अंतरा - प्रीत बना के तूने... (लगभग 70 सेकेंड) वहीदा रहमान पर फ़िल्माया गया था.
पद्मिनी