🎵 गीत
1. जंग इंसानियत की दुश्मन है, जंग ही दुश्मन-ए-तमद्दुन है, जंग ही है आग जो जलाती है...
1. Jang Insaniyat Kee Dushman Hai, Jang Hee Dushman-E-Tamaddun Hai, Jang Hee Hai Aag Jo Jalatee Hai...
श्रेय
गायक/गायिका
महेंद्र कपूर
Mahendra Kapoor
गीतकार
मजरूह सुल्तानपुरी
Majrooh Sultanpuri
संगीतकार
एस एन त्रिपाठी
S N Tripathi
टिप्पणी
नामावली के साथ पृष्ठभूमि में फ़िल्मांकित गीत
शेख़ मुख़्तार