🎵 गीत
2. अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से, मस्ती फ़िज़ा में है इन्हीं लबों के जाम से...
2. Ab Ke Bahar Aaee Hai Tumhare Nam Se, Mastee Fiza Men Hai Inheen Labon Ke Jam Se...
श्रेय
गायक/गायिका
रफ़ी
Rafi
गीतकार
मजरूह सुल्तानपुरी
Majrooh Sultanpuri
संगीतकार
चित्रगुप्त
Chitragupт
रिकॉर्ड विवरण
78 आरपीएम रिकॉर्ड
N 55658
माइक्रोग्रूव / एलपी / ईपी
EP TAE 1442/LP 3AEX 5204