🎵 गीत
11. कबीरा निर्भय राम जपे...महफ़िल में तेरी यूं ही रहे जश्न-ए-चिराग़ां, आंखों में ही ये रात गुज़र जाए तो अच्छा...
11. Kabeera Nirbhay Ram Jape...Mahafil Men Teree Yoon Hee Rahe Jashn-e--Chiraghan, Aankhon Men Hee Ye Rat Guzar Jae To Achchha...
रिकॉर्ड विवरण
माइक्रोग्रूव / एलपी / ईपी
LP 3AEX 5076
टिप्पणी
इस गीत में संत कबीर लिखित दोहे भी शामिल किए गए हैं.
🎬 परदे पर
परदे पर मुख्य
परदे पर अतिरिक्त
मीना कुमारी
राजकुमार
दुर्गा खोटे
पद्मिनी
धर्मेंद्र