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🎵 गीत

11. कबीरा निर्भय राम जपे...महफ़िल में तेरी यूं ही रहे जश्न-ए-चिराग़ां, आंखों में ही ये रात गुज़र जाए तो अच्छा...

11. Kabeera Nirbhay Ram Jape...Mahafil Men Teree Yoon Hee Rahe Jashn-e--Chiraghan, Aankhon Men Hee Ye Rat Guzar Jae To Achchha...

फ़िल्म

काजल
1965
फ़िल्म विवरण देखें

श्रेय

गायक/गायिका आशा भोसले, रफ़ी
Asha Bhosle, Rafi
गीतकार साहिर लुधियानवी
Sahir Ludhianvi
संगीतकार रवि
Ravi

रिकॉर्ड विवरण

माइक्रोग्रूव / एलपी / ईपी LP 3AEX 5076

टिप्पणी

इस गीत में संत कबीर लिखित दोहे भी शामिल किए गए हैं.

🎬 परदे पर

परदे पर मुख्य
मीना कुमारी (Meena Kumari)राजकुमार (Rajkumar)
परदे पर अतिरिक्त
दुर्गा खोटे (Durga Khote)पद्मिनी (Padmini)धर्मेंद्र (Dharmendra)