🎵 गीत
4. सुलग उठी दिल की लगी, जलते हैं परवाने, रोती हैं तक़दीरें हंसते हैं अफ़साने...
4. Sulag Uthee Dil Kee Lagee, Jalate Hain Paravane, Rotee Hain Taqadeeren Hansate Hain Afasane...
रिकॉर्ड विवरण
78 आरपीएम रिकॉर्ड
N 52037
टिप्पणी
इस गीत की रिकॉर्डिंग अगस्त 1956 में ही संपन्न हो गई थी यद्यपि फ़िल्म अक्तूबर 1963 में पहली बार सेंसर द्वारा पारित हुई थी.