इस परियोजना और 'हमराज़' के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें: hindi-movies-songs.com/hfgk

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🎵 गीत

7. न ये रंजो-अलम होते, न ये ज़ुल्मों-सितम होते, मुहब्बत गर न होती तो बड़े ख़ुशहाल हम होते...(क़व्वाली)

7. Na Ye Ranjo-Alam Hote, Na Ye Zulmon-Sitam Hote, Muhabbat Gar Na Hotee To Bade Khushahal Ham Hote...(Qavvalee)

फ़िल्म

मेहंदी लगी मेरे हाथ
1962
फ़िल्म विवरण देखें

श्रेय

गायक/गायिका महेंद्र कपूर, मन्ना डे, पुरुष क़व्वाल, साथी
Mahendra Kapoor, Manna De, Male Qawwal, Others
गीतकार आनंद बक्शी
Anand Bakshi
संगीतकार कल्याणजी-आनंदजी
Kalyanji-Anandji

टिप्पणी

फ़िल्म में सम्मिलित इस क़व्वाली की कुल अवधि 7 मिनट 5 सेकेंड है जिसे शशि कपूर, आग़ा, एक क़व्वाल एवं साथियों पर फ़िल्माया गया था.

🎬 परदे पर

परदे पर मुख्य
शशी कपूर (Shashi Kapoor)आग़ा (Agha)----
परदे पर अतिरिक्त
दीनानाथ (Dinanath)पं चांद (Pt Chand)फ़ज़लू (Fazlu)हहरबंस (Harbans)नंदा (Nanda)नसरीन (Nasreen)