🎵 गीत
4. ओ निर्दयी प्रीतम, प्रणय जगा के, हृदय चुरा के, चुप हुए क्यों तुम...
4. O Nirdayee Preetam, Pranay Jaga Ke, Hriday Chura Ke, Chup Hue Kyon Tum...
श्रेय
गायक/गायिका
लता मंगेशकर
Lata Mangeshkar
गीतकार
भरत व्यास
Bharat Vyas
संगीतकार
सी रामचंद्र
C Ramchandra
रिकॉर्ड विवरण
78 आरपीएम रिकॉर्ड
N 53933
माइक्रोग्रूव / एलपी / ईपी
EP TAE 1086/LP 3AEX 5009
संध्या
वी शांताराम