🎵 गीत
9. मूर्ख मन लाखों यतन करे कर्म गति टारे नाहीं टरे
9. Murkh Man Lakhon Yatan Kare Karm Gati Tare Nahin Tare
टिप्पणी
इस गीत के गीतकार का नाम स्वयं श्री रमेश गुप्ता से ही ज्ञात हुआ है
इस गीत के गीतकार का नाम स्वयं श्री रमेश गुप्ता से ही ज्ञात हुआ है