🎵 गीत
5. दिल में शमा जला के तेरे इंतज़ार की, दुनिया लुटाए बैठे हूं मैं सब्रो-क़रार की. . . (महिला)
5. Dil Men Shama Jala Ke Tere Intazar Ki, Duniya Lutae Baithe Hun Main Sabro-Qarar Ki . . . (Female)
टिप्पणी
इस गीत का मुखड़ा और एक अंतरा फ़िल्म सबक़ (1950) में शामिल गीत से मिलता-जुलता है.