🎵 गीत
10. प्यार की शमा को तक़दीर बुझाती क्यों है, किसी बरबाद-ए-मुहब्बत को रुलाती क्यो है. . .
10. Pyar Ki Shama Ko Taqadir Bujhati Kyon Hai, Kisi Barabade-Muhabbat Ko Rulati Kyo Hai . . .
श्रेय
गायक/गायिका
जी एम दुर्रानी
G M Durrani
गीतकार
राजिंदर कृशन
Rajinder Krishan
संगीतकार
हुस्नलाल-भगतराम
Husnlal-Bhagatram
रिकॉर्ड विवरण
78 आरपीएम रिकॉर्ड
N 35265