🎵 गीत
6. ज़ख़्मी को नया ज़ख़्म लगाता है ज़माना, हर तन्हा ग़रीबों को सताता है ज़माना. . . (भाग-2)
6. Zakhmi Ko Naya Zakhm Lagata Hai Zamana, Har Tanha Gharibon Ko Satata Hai Zamana . . . (Part-2)
श्रेय
गायक/गायिका
सुलोचना क़दम, एम असलम, साथी
Sulochana Qadam, M Aslam, Others
गीतकार
नख़्शब
Nakhshab
संगीतकार
रशीद अत्रे
Rashid Atre
रिकॉर्ड विवरण
78 आरपीएम रिकॉर्ड
N 35103