🎵 गीत
4. दिल्लगी देखो शमा की अपने परवानों के साथ, मौत बन कर खेलती है अपने मस्तानों के साथ. . . (क़व्वाली)
4. Dillagi Dekho Shama Ki Apane Paravanon Ke Sath, Maut Ban Kar Khelati Hai Apane Mastanon Ke Sath . . . (Qawwali)
श्रेय
गायक/गायिका
ख़ुर्शीद परवेज़, साथी
Khursheed Parvez, Others
गीतकार
ज़िया देहलवी
Zia Dehalvi
संगीतकार
ए के प्रेम
A K Prem
रिकॉर्ड विवरण
78 आरपीएम रिकॉर्ड
FT 17203/FT 17205