🎵 गीत
3. सागर में जो डूबा हुआ ईमान नहीं है, पीने का मज़ा ऐ दिल-ए-नादान नहीं है. . . (महिला)
3. Sagar Men Jo Duba Hua Iman Nahin Hai, Pine Ka Maza Ai Dile-Nadan Nahin Hai . . . (Female)
टिप्पणी
इस गीत की अंतिम पंक्तियों ('सादिक़' को बुरे अच्छे की पहचान नहीं है ...) गीतकार का नाम ('सादिक़') आया है.