🎵 गीत
2. वह नज़रों में समाते जा रहे हैं, हमें अपना बनाते जा रहे हैं. . .
2. Vah Nazaron Men Samate Ja Rahe Hain, Hamen Apana Banate Ja Rahe Hain . . .
श्रेय
गायक/गायिका
जी एम दुर्रानी
G M Durrani
गीतकार
वली साहब
Wali Sahab
संगीतकार
गुलशन सूफ़ी
Gulshan Sufi
रिकॉर्ड विवरण
78 आरपीएम रिकॉर्ड
GE 3662