🎵 गीत
5. मेरी चंचल चाल निराली, मेरी आंखें हैं मतवाली, अपनी उभरी जवानी को कैसे छिपाऊं. . .
5. Meri Chanchal Chal Nirali, Meri Ankhen Hain Matavali, Apani Ubhari Javani Ko Kaise Chhipaun . . .
टिप्पणी
यही गीत फ़िल्म सर्कस किंग (1946) में भी शामिल किया गया था.