🎵 गीत
9. लिखीं नसीब में हैं ठोकरें ज़माने की, बहार में ही जली शाख़ आशियाने की. . .
9. Likhin Nasib Men Hain Thokaren Zamane Ki, Bahar Men Hi Jali Shakh Ashiyane Ki . . .
रिकॉर्ड विवरण
78 आरपीएम रिकॉर्ड
N 26735
टिप्पणी
यह गीत बाद में जारी फ़िल्म रास्ता (1947) में भी शामिल किया गया था.