इस परियोजना और 'हमराज़' के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें: hindi-movies-songs.com/hfgk

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🎵 गीत

8. अब लब पे कहानी कोई नहीं, अब लब पे फ़साना कोई नहीं, तुमने तो मुझे वो ग़म बख़्शा जिस ग़म का ठिकाना कोई नहीं. . .

8. Ab Lab Pe Kahani Koi Nahin, Ab Lab Pe Fasana Koi Nahin, Tumane To Mujhe Vo Gham Bakhsha Jis Gham Ka Thikana Koi Nahin . . .

फ़िल्म

धनवान
1946
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श्रेय

टिप्पणी

इस गीत की अंतिम पंक्तियों (दुनिया में हरेक बेगाना 'बहज़ाद' यगाना कोई नहीं) में गीतकार ('बहज़ाद') का नाम आया है.