🎵 गीत
8. आहें न भरी शिकवे न किए, कुछ भी न ज़बां से काम लिया . . . (क़व्वाली)
8. Ahen Na Bhari Shikave Na Kie, Kuchh Bhi Na Zaban Se Kam Liya . . . (Qawwali)
श्रेय
गायक/गायिका
कल्याणी, ज़ोहराबाई अंबालावाली, नूरजहां
Kalyani, Zohra Bai Ambalawali, Noor Jahan
गीतकार
नख़्शब
Nakhshab
संगीतकार
हफ़ीज़ ख़ान
Hafeez Khan
रिकॉर्ड विवरण
78 आरपीएम रिकॉर्ड
N 26681(D)
माइक्रोग्रूव / एलपी / ईपी
EP TAE 1344
टिप्पणी
इस क़व्वाली को सुनने तथा इसके फ़िल्मांकन के पूरे दृश्य को बार-बार देखने के बाद भी न तो नूरजहां की आवाज़ सुनाई देती है और न ही किसी दृश्य में उनकी शक्ल दिखाई देती है भले ही ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर इस गीत की गायिकाओं में नूरजहां का नाम भी शामिल किया गया है. इस क़व्वाली की आख़िरी पंक्तियों ( ...बीमार-ए-मुहब्बत ऐ नख़्शब ...) में शायर 'नख़्शब' का नाम आया है.
श्यामा
शशिकला
रेहाना