🎵 गीत
3. पयाम-ए-मुहब्बत सबा ला रही है, मसर्रत की हरसू घटा छा रही है, उधर है नया रंग. . .
3. Payame-Muhabbat Saba La Rahi Hai, Masarrat Ki Harasu Ghata Chha Rahi Hai, Udhar Hai Naya Rang . . .
श्रेय
गायक/गायिका
उत्पला सेन
Utpala Sen
गीतकार
ज़ाकिर हुसैन
Zakir Husain
संगीतकार
आर सी बोराल
R C Boral
रिकॉर्ड विवरण
78 आरपीएम रिकॉर्ड
H 1194G