🎵 गीत
2. ओ रसीली नींद आ तू, क्यूं भटकती फिर रही है, आंख में से आंख में तू. . .
2. O Rasili Nind A Tu, Kyun Bhatakati Phir Rahi Hai, Ankh Men Se Ankh Men Tu . . .
श्रेय
गीतकार
पं मुखराम शर्मा
रिकॉर्ड विवरण
78 आरपीएम रिकॉर्ड
GE 3567