🎵 गीत
5. मुहब्बत की ख़ातिर जवानी लुटा दे, जवानी तो क्या अपनी हस्ती लुटा दे. . .
5. Muhabbat Ki Khatir Javani Luta De, Javani To Kya Apani Hasti Luta De . . .
रिकॉर्ड विवरण
78 आरपीएम रिकॉर्ड
N 26120
टिप्पणी
इस गीत की अंतिम पंक्तियों (दो आंसू थे 'वाहिद' मुहब्बत की पूंजी ...) में गीतकार का नाम 'वाहिद' आया है.