🎵 गीत
2. आंखों में प्यार बन के समाते चले गए, बेदारियों में ख़्वाब दिखाते चले गए. . . (पुरुष)
2. Ankhon Men Pyar Ban Ke Samate Chale Gae, Bedariyon Men Khvab Dikhate Chale Gae . . . (Male)
रिकॉर्ड विवरण
78 आरपीएम रिकॉर्ड
GP 1049
टिप्पणी
गीत की अंतिम पंक्ति (इस आरज़ू में ठोकरें खाते चले गए ...) में गीतकार का नाम 'आरज़ू' आया है.