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🎵 गीत

9. आह को चाहिए इक उम्र असर होने तक, कौन जीता है तेरी ज़ुल्फ़ के सर होने तक. . .

9. Ah Ko Chahie Ik Umr Asar Hone Tak, Kaun Jita Hai Teri Zulf Ke Sar Hone Tak . . .

फ़िल्म

मासूम
1941
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श्रेय

गीतकार ग़ालिब

टिप्पणी

इस गीत अंतिम पंक्तियों (ग़म-ए-हस्ती का असद किससे हो जुज़ मर्ग़-ए-इलाज) में गीतकार का नाम 'असद' (मिर्ज़ा असदुल्लाह बेग ख़ान ग़ालिब) आया है.