🎵 गीत
2. आंखों से ना ओझल हो ऐ जलवाए-ज़ानाना, दुनियाए-तसव्वुर है
2. Ankhon Se Na Ojhal Ho Ai Jalavae-Zanana, Duniyae-Tasavvura Hai
श्रेय
गीतकार
मुंशी क़ाबिल अमृतसरी
Munshi Qabil Amritsari
टिप्पणी
इससे मिलता-जुलता गीत फ़िल्म मतवाली जोगन (1040) में भी शामिल था.