🎵 गीत
3. जिधर उनकी तिरछी नज़र हो गई, क़यामत ही बर्पा उधर हो गई
3. Jidhar Unaki Tirachhi Nazar Ho Gai, Qayamat Hi Barpa Udhar Ho Gai
श्रेय
गायक/गायिका
फ़िदा हुसैन
Fida Husain
गीतकार
रामदास आज़ाद
Ramdas Azaad
संगीतकार
नागर दास नायक
Nagar Das Nayak
टिप्पणी
इस गीत के बीच की एक पंक्ति में गीतकार का उपनाम आज़ाद आया है.