🎵 गीत
4. तालिब-ए-वस्ल न हो आपको बरबाद न कर, हौसला हद से ज़्यादा दिल-ए-नाशाद न कर
4. Talib-E-Vasla Na Ho Apako Barabad Na Kar, Hausala Had Se Zyada Dil-E-Nashada Na Kara
श्रेय
संगीतकार
प्राणसुख एम नायक
Pransukh M Nayak
टिप्पणी
इससे मिलता-जुलता गीत फ़िल्म नया ज़माना (1935) में भी शामिल था.