🎵 गीत
4. गले में जिनके लोहे के हज़ारों मन के टुकड़े हों
4. Gale Men Jinake Lohe Ke Hazaron Man Ke Tukade Hon
श्रेय
गीतकार
मुंशी नाज़ां
Munshi Nazan
🎬 परदे पर
परदे पर मुख्य
सरदार अख़्तर