🎵 गीत
54. बांध के मुश्कें मेरी जब कुव-ए-दिलबर ले चला, सांप के मुंह में मेरा
54. Bandh Ke Mushken Meri Jab Kuv-E-Dilabara Le Chala, Samp Ke Munh Men Mera
श्रेय
संगीतकार
नागर दास नायक
🎬 परदे पर
परदे पर मुख्य
मास्टर निसार