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चार दरवेश

Char Darvesh
वर्ष1933
विषयकाल्पनिक
अन्य नामMerchant of Arabia

निर्देशक

प्रफुल्ल घोष

संगीत निर्देशक

R राधाचरण भट्टाचार्य

फ़िल्म सेंसर जानकारी

Cens No=Calcutta/14130 Len (ft)=11600 Reels= Time (mts)=129 Date=00.00.1933

बम्बई में रिलीज़ जानकारी

Super Cinema: Opened 2-Feb-1934, Ran for 2 weeks.

टिप्पणी

कानन देवी के अभिनय की प्रथम सवाक् हिंदी फ़िल्म. उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऐसा जान पड़ता है कि यह फ़िल्म 4 भागों में दिखाई गई थी. इसी शीर्षक (Title) से वर्ष 1964 में भी एक फ़िल्म सेंसर बोर्ड द्वारा पारित की गई थी.

गीत (9)

1. तेरी ज़बां पे नाम उस ख़ुदा का क्यों रवां नहीं
1. Teri Zaban Pe Nam Us Khuda Ka Kyon Ravan Nahin
✍️ पं जे मेहरा 🎼 राधाचरण भट्टाचार्य
2. मैं तो ऐ ख़ुदा जीती हि मरी, नेकी बरबाद ये सारी गई
2. Main To Ai Khuda Jiti Hi Mari, Neki Barabad Ye Sari Gai
✍️ पं जे मेहरा 🎼 राधाचरण भट्टाचार्य
3. तोड़ो दिल ना किसी का जफ़ा करके, दिल लगाना तो दिल को सफ़ा करके
3. Todo Dil Na Kisi Ka Jafa Karake, Dil Lagana To Dil Ko Safa Karake
✍️ पं जे मेहरा 🎼 राधाचरण भट्टाचार्य
4. क़दर है इश्क़ की दुनिया में तो है इश्क़वालों को, न देखें जो कि सूरत को
4. Qadar Hai Ishq Ki Duniya Men To Hai Ishqavalon Ko, Na Dekhen Jo Ki Surat Ko
✍️ पं जे मेहरा 🎼 राधाचरण भट्टाचार्य
5. जिधर इश्क़ जाए उधर जाएंगे, हम अपने दिलों को तो कर जाएंगे
5. Jidhar Ishq Jae Udhar Jaenge, Ham Apane Dilon Ko To Kar Jaenge
✍️ पं जे मेहरा 🎼 राधाचरण भट्टाचार्य
6. वो दिल नहीं कि जिसमें मुहब्बत की बू न हो, वो प्यार क्या दोनों में अगर रूबरू न हो
6. Vo Dil Nahin Ki Jisamen Muhabbat Ki Bu Na Ho, Vo Pyar Kya Donon Men Agar Rubaru Na Ho
✍️ पं जे मेहरा 🎼 राधाचरण भट्टाचार्य
7. फ़रहाद आप बनना शीरीं मुझे बनाना, दुनिया भी याद रखे उल्फ़त का ये फ़िसाना
7. Farahad Ap Banana Shirin Mujhe Banana, Duniya Bhi Yad Rakhe Ulfat Ka Ye Fisana
✍️ पं जे मेहरा 🎼 राधाचरण भट्टाचार्य
8. गर सितम सह कर बशर दुनिया में होते शाद हों, ऐ ख़ुदा मेरी तरह ही सबके घर आबाद हों
8. Gar Sitam Sah Kar Bashar Duniya Men Hote Shad Hon, Ai Khuda Meri Tarah Hi Sabake Ghar Abad Hon
✍️ पं जे मेहरा 🎼 राधाचरण भट्टाचार्य
9. ज़िंदगी बरबाद क्यों करता ख़याल-ए-ख़ाम पर, ग़ैर की यह है अमानत ज़िंदगी में काम कर
9. Zindagi Barabad Kyon Karata Khayal-E-Khama Par, Ghair Ki Yah Hai Amanat Zindagi Men Kam Kara
✍️ पं जे मेहरा 🎼 राधाचरण भट्टाचार्य