नई रोशनी
Nai Roshni
निर्देशक
निर्माता
गीतकार
संगीत निर्देशक
कलाकार
फ़िल्म सेंसर जानकारी
Cens No=Bombay/24583 Len (ft)=13068 Reels=15 Time(mts)=145m12s Date=17.11.1941
टिप्पणी
इस शीर्षक (Title) से सन् 1967 में भी एक फ़िल्म सेंसर बोर्ड द्वारा पारित की गई थी. मीना कुमारी (बाल कलाकार), अकबर (?)
गीत (11)
1. पेट भूखा जवानी सताए राम, मोरे मन का कंवल कुम्हलाए राम, फटे कपड़े पुरानी चुंदरिया. . .
1. Pet Bhukha Javani Satae Ram, More Man Ka Kanval Kumhalae Ram, Phate Kapade Purani Chundariya . . .
🎤 मिस इक़बाल ✍️ डॉ सफ़दर 'आह' 🎼 अनिल बिस्वास
2. अपने पिया को रिझाऊं मैं, झलक दिखा छिप जाऊं, मैं अपने पिया को रिझाऊं. . .
2. Apane Piya Ko Rijhaun Main, Jhalak Dikha Chhip Jaun, Main Apane Piya Ko Rijhaun . . .
🎤 सरदार अख़्तर ✍️ डॉ सफ़दर 'आह' 🎼 अनिल बिस्वास
3. झनक पायल छनके पायल छन छन छन, छन छन छन, मनका है मन चलती पवन सन सन सन. . .
3. Jhanak Payal Chhanake Payal Chhan Chhan Chhan, Chhan Chhan Chhan, Manaka Hai Man Chalati Pavan San San San . . .
✍️ डॉ सफ़दर 'आह' 🎼 अनिल बिस्वास

4. गावो गावो प्रेम का राग-2 , इसी राग में सारे राग हैं बसंत मल्हार बिहाग. . .
4. Gavo Gavo Prem Ka Rag-2 , Isi Rag Men Sare Rag Hain Basant Malhar Bihag . . .
🎤 हुस्न बानो, हरीश ✍️ डॉ सफ़दर 'आह' 🎼 अनिल बिस्वास
5. दर्द-ए-दिल दिल में बसाया जायेगा, दिल तेरे क़ाबिल बनाया जायेगा. . .
5. Darde-Dil Dil Men Basaya Jayega, Dil Tere Qabil Banaya Jayega . . .
🎤 हरीश ✍️ डॉ सफ़दर 'आह' 🎼 अनिल बिस्वास
6. तू सुंदर फूलों की डाली, मैं प्रेम बाग़ का माली, तू रुत बसंत की साजन. . .
6. Tu Sundar Phulon Ki Dali, Main Prem Bagh Ka Mali, Tu Rut Basant Ki Sajan . . .
🎤 सरदार अख़्तर, हरीश ✍️ डॉ सफ़दर 'आह' 🎼 अनिल बिस्वास
7. तीखी चितवन वाले यार, मार न दिल में भाले यार, चुटकी लेके दिल में चले. . .
7. Tikhi Chitavan Vale Yar, Mar Na Dil Men Bhale Yar, Chutaki Leke Dil Men Chale . . .
✍️ डॉ सफ़दर 'आह' 🎼 अनिल बिस्वास
A8. प्रीत कै के नजरिया फिराये गयो हो, मोरी आखियन की निंदिया उड़ाए गयो हो. . .
8. Prit Kai Ke Najariya Phiraye Gayo Ho, Mori Akhiyan Ki Nindiya Udae Gayo Ho . . .
🎤 हुस्न बानो ✍️ डॉ सफ़दर 'आह' 🎼 अनिल बिस्वास
9. वो पूछते है अय दिल तू किस का है शैदाई, चुप हूं तो जियूं कैसे बोलूं तो है रुसवाई. . .
9. Vo Puchhate Hai Aya Dil Tu Kis Ka Hai Shaidai, Chup Hun To Jiyun Kaise Bolun To Hai Rusavai . . .
🎤 सरदार अख़्तर, हरीश ✍️ डॉ सफ़दर 'आह' 🎼 अनिल बिस्वास
10. क्यूं मन को रोग लगाता है, नैनो से उलझ कर क्या पाया, अब अखियन नीर बहाता है. . .
10. Kyun Man Ko Rog Lagata Hai, Naino Se Ulajh Kar Kya Paya, Ab Akhiyan Nir Bahata Hai . . .
🎤 सरदार अख़्तर ✍️ डॉ सफ़दर 'आह' 🎼 अनिल बिस्वास