प्रेम यात्रा
Prem Yatra
कलाकार
निर्देशक
गीतकार
संगीत निर्देशक
फ़िल्म सेंसर और बम्बई में रिलीज़ जानकारी
Cens No=Punjab/226 Len (ft)=12850 Reels= Time (mts)=143 Date=00.00.1937
टिप्पणी
अनुवादक : पं. सागर चंद्र शर्मा. कथा-सम्वाद लेखक – हकीम अहमद शूजा. मिर्ज़ा मुशर्रफ़ के अभिनय की द्वितीय फ़िल्म जिसका निर्माण लाहौर में हुआ था. वास्ती (प्रथम प्रवेश), शमशाद बेगम (गायिका) (खलनायिका)
गीत (10)
1. झूठे संसार का आदर और सनमान यह झूठी माया है
1. Jhuthe Sansar Ka Adar Aur Sanaman Yah Jhuthi Maya Hai
✍️ हकीम अहमद शूजा 🎼 क्यू एस ज़हूर
2. जब फ़ज़ल-ए-ख़िज़ां दस्त-ए-सितम गुलशन पर आफ़त ढाता है
2. Jab Fazal-E-Khizan Dast-E-Sitama Gulashan Par Afat Dhata Hai
✍️ हकीम अहमद शूजा 🎼 क्यू एस ज़हूर
3. मौसम-ए-गुल में अजब रंगा है मैख़ाने का, शीशा झुकता है कि
3. Mausam-E-Gula Men Ajab Ranga Hai Maikhane Ka, Shisha Jhukata Hai Ki
✍️ हकीम अहमद शूजा 🎼 क्यू एस ज़हूर
4. मूर्ख लोभी प्रीत का भूल गया घर बार, इस संसार की मीत भी झूठी
4. Murkh Lobhi Prit Ka Bhul Gaya Ghar Bar, Is Sansar Ki Mit Bhi Jhuthi
✍️ हकीम अहमद शूजा 🎼 क्यू एस ज़हूर
5. आई बदरिया बरसन को, तरसत है मन दर्शन को, सावन आया बादल
5. Ai Badariya Barasan Ko, Tarasat Hai Man Darshan Ko, Savan Aya Badala
🎤 उमराज़िया बेगम ✍️ हकीम अहमद शूजा 🎼 क्यू एस ज़हूर
6. प्रीत की अग्नि की रीत यही है, धुआं न निकले तन को जलावे
6. Prit Ki Agni Ki Rit Yahi Hai, Dhuan Na Nikale Tan Ko Jalave
✍️ हकीम अहमद शूजा 🎼 क्यू एस ज़हूर
7. है मंज़िल दूर उस डेरे की, क्या सोच है सांझ सवेरे की
7. Hai Manzil Dur Us Dere Ki, Kya Soch Hai Sanjh Savere Ki
✍️ हकीम अहमद शूजा 🎼 क्यू एस ज़हूर
8. हाय री कोयला तू क्यों बोले कू, क्या तेरे पिया भी तुझे भूल गए
8. Hay Ri Koyala Tu Kyon Bole Ku, Kya Tere Piya Bhi Tujhe Bhul Gae
🎤 उमराज़िया बेगम ✍️ हकीम अहमद शूजा 🎼 क्यू एस ज़हूर
9. चल यात्री प्रेम के मंदिर को, यहां मन का मीत विराजत है
9. Chal Yatri Prem Ke Mandir Ko, Yahan Man Ka Mit Virajat Hai
✍️ हकीम अहमद शूजा 🎼 क्यू एस ज़हूर
10. त्याग चला संसार मुसाफ़़िर, त्याग चला संसार, प्रेम की उल्टी रीत यही
10. Tyag Chala Sansar Musair, Tyag Chala Sansar, Prem Ki Ulti Rit Yahi
🎤 वास्ती ✍️ हकीम अहमद शूजा 🎼 क्यू एस ज़हूर