खंडहर
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संगीत निर्देशक
कलाकार
फ़िल्म सेंसर जानकारी
Cens No=Calcutta/□ U-335 Len (Mtrs) 2901.39 Reels=11 Time 106 Min
टिप्पणी
प्रेमेंद्र मित्र लिखित कहानी 'तेलनापोता आविष्कार' पर आधारित. 'खंडहर' तीन ऐसे दोस्तों की कहानी है जो शहर की भागम-भाग ज़िंदगी से ऊब कर, कुछ दिन किसी शांत जगह बिताने के इरादे से, शहर से दूर एक खंडहर में जाते हैं जो कभी सामंती हवेली था और जिसमें दो लोगों का एक परिवार बसा है. मां-बेटी का यह परिवार, इस पैतृक खंडहर के एक हिस्से का वारिस है. मां बीमार, अंधी और लकवाग्रस्त है जो अपने दूर के एक भांजे के इंतज़ार में इस उम्मीद के साथ जिए जा रही है कि वो अपने वादे के मुताबिक उसकी बेटी से शादी कर लेगा. लेकिन वो नहीं जानती कि वो व्यक्ति न केवल विवाहित है बल्कि एक बच्चे का पिता भी है जो एक शहर में रहता है; लड़की इस सच्चाई को जानती है लेकिन वो इसे अपनी मां पर इसलिए ज़ाहिर नहीं करती क्योंकि हक़ीक़त जानकर वो आघात को सह नहीं पाएगी. तीन शहरी सैलानी दोस्तों में से एक पेशेवर फ़ोटोग्राफ़र है, दूसरा लड़की का चचेरा भाई और तीसरा सैर-सपैटे के लिए इनके साथ आ गया है. अढ़ाई दिन बाद ही इन्हें एक अजीब स्थिति का सामना करना पड़ता है. तब वे सब मिलकर एक भयानक नाटक करके लड़की की अंधी मां को एहसास दिलाते हैं कि इनमें से फ़ोटोग्राफ़र ने ही उसकी बेटी से शादी का वादा किया था. बाद में तीनों दोस्त वापस लौट जाते हैं. लड़की फिर उस भयानक अकेलेपन को भोगने लगती है जहां उसके साथ केवल उसकी अंधी मां ही मौजूद है. स्मृतियां और फंतासी मिल कर एक अनोखे संसार की सृष्टि करती है. संसार जिसमें दु : ख है, सौम्यता है और कहीं दूर है एक रहस्य ! इस तरह बनी यह दुनिया फ़िल्म के पात्रों को एक ऐसी जगह ले जाती है जहां उन्हें प्रकट विश्वासघात के पीछे निष्ठा और ईमानदारी के स्पंदन का आभास मिलता है : . Memory, fantasy and instant happenings build a story amidst 'The Ruins ' The story of an encounter Sad, mellow, distantly startling. पटकथा लेखक : मृणाल सेन. गीत-विहीन फ़िल्म