हम पांच
Hum Panch
निर्देशक
निर्माता
गीतकार
संगीत निर्देशक
कलाकार
अन्य कलाकार
फ़िल्म सेंसर जानकारी
Cens No=Bombay/□ U-94977 Len (Mtrs) 4476.8 Reels=16 Time 163m12s Date=27.11.1980
टिप्पणी
पुट्टन्ना कनगल लिखित कहानी 'पदवराहल्ली पांडवरु' पर आधारित. पार्श्व संगीतकार : एस पी बालसुब्रमणियम
गीत (8)
1. बोलो श्री श्री ज़मींदार जी की जय...आती है पालकी सरकार की, जय हो जय हो ज़मींदार की...
1 Bolo Shree Shree Zameendar Jee Kee Jay atee Hai Palakee Sarakar Kee, Jay Ho Jay Ho Zameendar Kee
🎤 किशोर कुमार, महेंद्र कपूर, साथी ✍️ आनंद बख़्शी 🎼 लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
2. का जानूं मैं सजनिया, चमकेगी कब चंदनिया, घर में ग़रीब के, उठाई ले घुंघटा चांद देख ले...
2 Ka Janoon Main Sajaniya, Chamakegee Kab Chandaniya, Ghar Men Ghareeb Ke, Uthaee Le Ghunghata Chand Dekh Le
🎤 लता मंगेशकर, अमित कुमार ✍️ आनंद बख़्शी 🎼 लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
3. आगे भागे पीछे दौड़ो...हम पांच पांडव यह शकुनी मामा, अरे देखो महाभारत का ड्रामा... (शीर्षक गीत)
3 age Bhage Peechhe Daudo Ham Panch Pandav Yah Shakunee Mama, Are Dekho Mahabharat Ka Drama (Title Song)
🎤 शैलेंद्र सिंह, अमित कुमार, अनवर, सुरेश वाडकर ✍️ आनंद बख़्शी 🎼 लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
4 क. अरे क्या कहिए इंसान से, अरे क्या कहिए भगवान से, यह दोनों तो डरते हैं धनवान से... (भाग-1)
4a Are Kya Kahie Insan Se, Are Kya Kahie Bhagavan Se, Yah Donon To Darate Hain Dhanavan Se (Part-1)
🎤 मु रफ़ी ✍️ आनंद बख़्शी 🎼 लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
4 ख. अरे सपनों से मुंह मोड़ के, अपने मन को तोड़ के, कौन से देश चले भय्याह... (भाग-2)
4b Are Sapanon Se Munh Mod Ke, Apane Man Ko Tod Ke, Kaun Se Desh Chale Bhayyah (Part-2)
🎤 मु रफ़ी ✍️ आनंद बख़्शी 🎼 लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
4 ग. ये सोए इंसान जाग उठे, बनकर लहराते नाग उठे, अब इनके क़दम रुक सकते नहीं... (भाग-3)
4c Ye Soe Insan Jag Uthe, Banakar Laharate Nag Uthe, Ab Inake Qadam Ruk Sakate Naheen (Part-3)
🎤 मु रफ़ी ✍️ आनंद बख़्शी 🎼 लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
5. आइए मेहरबां, यह दिल है ये है जां, शौक़ से लीजिए प्यार का इम्तहां, आइए मेहरबां...
5 aie Meharaban, Yah Dil Hai Ye Hai Jan, Shau Se Leejie Pyar Ka Imtahan, aie Meharaban
🎤 उषा उत्थुप, साथी ✍️ आनंद बख़्शी 🎼 लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
6. धीरे चल ज़रा ओ पागल पुरवइया, तू काहे शोर मचाए, जिनकी क़िस्मत सो गई उनको कौन जगाए...
6 Dheere Chal Zara O Pagal Puravaiya, Too Kahe Shor Machae, Jinakee Qismat So Gaee Unako Kaun Jagae
🎤 मु रफ़ी ✍️ आनंद बख़्शी 🎼 लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल