मज़ाक़
मज़ाक़
निर्देशक
निर्माता
गीतकार
संगीत निर्देशक
सहायक संगीत निर्देशक
कलाकार
फ़िल्म सेंसर जानकारी
Cens No=Bombay/∆ U-79328 Len (Mtrs) 3573.76 Reels=15 Time 130m17s Date=22.08.1975
टिप्पणी
पार्श्व गायक : मु रफ़ी, आशा भोसले, महमूद इसी शीर्षक (Title) से सन् 1943 में भी एक फ़िल्म सेंसर बोर्ड द्वारा पारित की गई थी. शुभा खोटे (अतिथि भूमिका); रबी घोष (अतिथि भूमिका); पेंटल (अतिथि भूमिका); बासु चटर्जी (विशेष भूमिका); एस रामनाथन (विशेष भूमिका)
गीत (3)
1A. पागल ज़माने में, इस पागलखाने में, सबसे तू पागल ही बन के मिल, पागल के लिए है माफ़...
1a Pagal Zamane Men, Is Pagalakhane Men, Sabase Too Pagal Hee Ban Ke Mil, Pagal Ke Lie Hai Maf
🎤 मु रफ़ी ✍️ योगेश 🎼 आर डी बर्मन
1B. समझ है मोटी तेरी, जब उंगली होगी टेढ़ी तब ही तो निकलेगा घी, क्या कहने हैं तेरे...
1b Samajh Hai Motee Teree, Jab Ungalee Hogee Tedhee Tab Hee To Nikalega Ghee, Kya Kahane Hain Tere
🎤 मु रफ़ी, महमूद ✍️ योगेश 🎼 आर डी बर्मन
2. टकरा गए दो बादल अंबर पे तो बरसने लगीं बूंदें बिखर के, मौशमी कितना प्यारा नाम है...
2 Takara Gae Do Badal Ambar Pe To Barasane Lageen Boonden Bikhar Ke, Maushamee Kitana Pyara Nam Hai
🎤 आशा भोसले ✍️ योगेश 🎼 आर डी बर्मन