ग़रीब परवर
Gharib Parvar
वर्ष1936
विषयसामाजिक
टिप्पणी
पूर्व निर्मित फ़िल्म 'मिल' (1934) को 2 वर्षों के लिए प्रतिबंधित कर दिए जाने के कारण वही फ़िल्म वर्ष 1936 में नए नाम 'ग़रीब परवर' (यानी 'दया की देवी') नाम से प्रदर्शित की गई थी.
गीत (9)
1. मोरी धानी चुनरिया इतर ग़म के, मोरी बारी उमरिया
1. Mori Dhani Chunariya Itar Gham Ke, Mori Bari Umariya
🎼 बी एस हूगन
2. प्रभु मोरे अवगुन चित न धरो, समदर्शी है नाम तिहारो
2. Prabhu More Avagun Chit Na Dharo, Samadarshi Hai Nam Tiharo
✍️ सूरदास 🎼 बी एस हूगन
3. झूम रही हैं शोखियां दीदए नीम बाज़मे, जाग रहे हैं पासबां
3. Jhum Rahi Hain Shokhiyan Didae Nim Bazame, Jag Rahe Hain Pasaban
🎼 बी एस हूगन
4. आओ गले मिल जावो मैं वारी सइयां, निसदिन मैका कल न परत है
4. Ao Gale Mil Javo Main Vari Saiyan, Nisadin Maika Kal Na Parat Hai
🎼 बी एस हूगन
5. हमारी फुल बगिया में आओ महाराज, मोरी फुल बगिया में बेल चमेली
5. Hamari Phul Bagiya Men Ao Maharaj, Mori Phul Bagiya Men Bel Chameli
🎼 बी एस हूगन
6. आए नहीं मोरे श्याम, अब क्या करूं राम मैं अब जिया कल नहीं प्रान
6. Ae Nahin More Shyam, Ab Kya Karun Ram Main Ab Jiya Kal Nahin Prana
🎼 बी एस हूगन
7. जिन्हें है इश्क़ सच्चा वह कहीं फ़रियाद करते हैं, लबों पर मोहर-ए-ख़ामोशी
7. Jinhen Hai Ishq Sachcha Vah Kahin Fariyad Karate Hain, Labon Par Mohar-E-Khamoshi
🎼 बी एस हूगन
8. प्रेम नगर की राह कठिन है सम्हल-सम्हल कर चला करो
8. Prem Nagar Ki Rah Kathin Hai Samhala-Samhala Kar Chala Karo
🎼 बी एस हूगन
9. पत राखो ना राखो तिहारी मरज़ी, बदनामी तो हो गई उमर भर की
9. Pat Rakho Na Rakho Tihari Marazi, Badanami To Ho Gai Umar Bhar Ki
🎼 बी एस हूगन