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करवट

Karvat
वर्ष1949
विषयसामाजिक

निर्देशक

प्रकाश

संगीत निर्देशक

हंसराज बहल

फ़िल्म सेंसर जानकारी

Cens No=Bombay/40851(cut) Len (ft)=14100 Reels=15 Time(mts)=156m40s Date=26.01.1949

गीत (12)

1. बादल घिर आए, रिमझिम पानी बरसे, जिया मोरा तरसे, तुम देस पराए. . .
1. Badal Ghir Ae, Rimajhim Pani Barase, Jiya Mora Tarase, Tum Des Parae . . .
🎤 आशा भोसले, गीता दत्त ✍️ वी एन मधोक 🎼 हंसराज बहल
2. ओ चंदा बादल में मुख ले छिपा, आज मेरा गली मेरी गली आए पिया. . .
2. O Chanda Badal Men Mukh Le Chhipa, Aj Mera Gali Meri Gali Ae Piya . . .
🎤 गीता दत्त ✍️ चरणदास 🎼 हंसराज बहल
3. ये शाब मेरा, ये मेम शाब, ठीक है, ठीक है, शाब उड़ाए पैप, मेम उड़ाए धुआं. . .
3. Ye Shab Mera, Ye Mem Shab, Thik Hai, Thik Hai, Shab Udae Paip, Mem Udae Dhuan . . .
🎤 एस बलबीर ✍️ बालम परदेसी 🎼 हंसराज बहल
4. दीवाना गया दामन से लिपट, कभी इस करवट कभी उस करवट. . . (शीर्षक गीत)
4. Divana Gaya Daman Se Lipat, Kabhi Is Karavat Kabhi Us Karavat . . . (Title Song)
🎤 पारो ✍️ सैफ़ुद्दीन सैफ़ 🎼 हंसराज बहल
5. मैं अंगूर की बेल पिया मोरे, मैं अंगूर की बेल, लिपट लिपट तोसे जाऊं . . .
5. Main Angur Ki Bel Piya More, Main Angur Ki Bel, Lipat Lipat Tose Jaun . . .
🎤 गीता दत्त, एस डी बातिश ✍️ सैफ़ुद्दीन सैफ़ 🎼 हंसराज बहल
6. मेरा इश्क़ कुछ ऐसा वैसा नहीं है मगर क्या करूं पास पैसा नहीं है. . . (क़व्वाली)
6. Mera Ishq Kuchh Aisa Vaisa Nahin Hai Magar Kya Karun Pas Paisa Nahin Hai . . . (Qawwali)
🎤 एस बलबीर, एस डी बातिश, अन्य स्वर ✍️ सैफ़ुद्दीन सैफ़ 🎼 हंसराज बहल
7. निगाहें मिलाने को जी चाहता है, कहीं दिल लगाने को जी चाहता है. . . (भाग-1)
7. Nigahen Milane Ko Ji Chahata Hai, Kahin Dil Lagane Ko Ji Chahata Hai . . . (Part-1)
🎤 सतीश बत्रा ✍️ सैफ़ुद्दीन सैफ़ 🎼 हंसराज बहल
8. निगाहें मिलाने को जी चाहता है. . . वही याद आता है रह रह के दिल में. . . (भाग-2)
8. Nigahen Milane Ko Ji Chahata Hai . . . Vahi Yad Ata Hai Rah Rah Ke Dil Men . . . (Part-2)
🎤 पारो ✍️ सैफ़ुद्दीन सैफ़ 🎼 हंसराज बहल
9. गा ऐ दिल मतवाले झूम कर साज़ उठा ले, गाए जा, कुछ गाए जा. . .
9. Ga Ai Dil Matavale Jhum Kar Saz Utha Le, Gae Ja, Kuchh Gae Ja . . .
🎤 गीता दत्त ✍️ सैफ़ुद्दीन सैफ़ 🎼 हंसराज बहल
10. गया अंधेरा हुआ सबेरा, जाग उठे इंसान, तोड़ ग़ुलामी की ज़ंजीरे जागे हैं इंसान. . .
10. Gaya Andhera Hua Sabera, Jag Uthe Insan, Tod Ghulami Ki Zanjire Jage Hain Insan . . .
🎤 गीता दत्त, मु रफ़ी, अन्य स्वर ✍️ सरस्वती कुमार 'दीपक' 🎼 हंसराज बहल