ईरान की एक रात
Iran Ki Ek Raat
निर्देशक
गीतकार
संगीत निर्देशक
कलाकार
फ़िल्म सेंसर जानकारी
Cens No=Calcutta/24123 Len (ft)=10537 Reels= Time(mts)=117m05s Date=05.03.1949
टिप्पणी
जमुना (कलकत्ता)
गीत (12)
1. जल्द काटे हल्क़ या रुक कर चले, जिस तरह चाहे तेरा ख़ंजर चले. . .
1. Jald Kate Halq Ya Ruk Kar Chale, Jis Tarah Chahe Tera Khanjar Chale . . .
🎤 रमा, बेचू दत्त 🎼 कमल दासगुप्ता
2. कौन है तीरंदाज़ बड़ा, अच्छा सच-सच तुम्हीं बताओ, कौन है तीरंदाज़. . .
2. Kaun Hai Tirandaz Bada, Achchha Sach-Sach Tumhin Batao, Kaun Hai Tirandaz . . .
🎤 अनीमा दास, जगमोहन ✍️ फ़य्याज़ हाशमी 🎼 कमल दासगुप्ता
3. एक दिल क्या दोजहां से हाथ उठा सकता हूं मैं, जीते जी लेकिन तुम्हें क्यों कर भुला सकता हूं मैं. . .
3. Ek Dil Kya Dojahan Se Hath Utha Sakata Hun Main, Jite Ji Lekin Tumhen Kyon Kar Bhula Sakata Hun Main . . .
🎤 जगमोहन ✍️ फ़य्याज़ हाशमी 🎼 कमल दासगुप्ता
4. अनोखी ये भी ग़म की ज़िंदगी है, मेरा रोना भी अब तो इक हंसी है. . .
4. Anokhi Ye Bhi Gham Ki Zindagi Hai, Mera Rona Bhi Ab To Ik Hansi Hai . . .
🎤 कल्याणी, रमा, शेफ़ाली 🎼 कमल दासगुप्ता
5. छलके छलके शराब-ए-जवानी के प्याले, कोई होठों से अपने लगा ले लगा ले. . .
5. Chhalake Chhalake Sharabe-Javani Ke Pyale, Koi Hothon Se Apane Laga Le Laga Le . . .
🎤 कल्याणी दासगुप्ता 🎼 कमल दासगुप्ता
6. खेल है ये ज़िंदगी, तू ज़िंदगी से खेल, हर रात की महफ़िल में नई रौशनी से खेल. . .
6. Khel Hai Ye Zindagi, Tu Zindagi Se Khel, Har Rat Ki Mahafil Men Nai Raushani Se Khel . . .
🎼 कमल दासगुप्ता
7. अब ज़िंदगी में मौत की लज्ज़त है, क्या करूं, इक बेवफ़ से मुझको मुहब्बत है क्या करूं. . . (महिला)
7. Ab Zindagi Men Maut Ki Lajzat Hai, Kya Karun, Ik Bevaf Se Mujhako Muhabbat Hai Kya Karun . . . (Female)
🎼 कमल दासगुप्ता
8. ओ खेलनेवाले, ओ ज़िंदगी से खेलनेवाले, दिल पे किसी का ज़ोर नहीं है. . . (महिला)
8. O Khelanevale, O Zindagi Se Khelanevale, Dil Pe Kisi Ka Zor Nahin Hai . . . (Female)
🎤 झरना देवी 🎼 कमल दासगुप्ता
9. उल्फ़त ने जिसे बनाया था, बनाया था, ख़्वाबों से जिसे सजाया था, सजाया था. . .
9. Ulfat Ne Jise Banaya Tha, Banaya Tha, Khvabon Se Jise Sajaya Tha, Sajaya Tha . . .
🎤 अनीमा दासगुप्ता 🎼 कमल दासगुप्ता
10. ऐ आंख ज़ब्त करना, ऐ दिल तड़प न जाना, याद आ रहा है मुझको गुज़रा हुआ ज़माना. . .
10. Ai Ankh Zabt Karana, Ai Dil Tadap Na Jana, Yad A Raha Hai Mujhako Guzara Hua Zamana . . .
🎼 कमल दासगुप्ता